तेल अवीव/तेहरान, 17 जून 2025: ईरान और इजराइल के बीच युद्ध छठे दिन भी जारी है। ईरान ने रविवार देर रात इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के हेडक्वार्टर और तेल अवीव में मिलिट्री इंटेलिजेंस यूनिट ‘अमान’ की बिल्डिंग पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया। इस हमले में तीन इजराइली नागरिक मारे गए और दर्जनों घायल हुए। जवाब में इजराइल ने सोमवार को तेहरान में हवाई हमले किए, जिसमें ईरानी सेना के डिप्टी कमांडर अली शादमानी की मौत हो गई, जिन्हें चार दिन पहले नियुक्त किया गया था। मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव वैश्विक चिंता का कारण बन रहा है।
ईरान का हमला: मोसाद और अमान पर मिसाइलें दागीं
ईरान ने ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस’ के तहत रविवार आधी रात को इजराइल के हर्ज़लिया में मोसाद हेडक्वार्टर और तेल अवीव में मिलिट्री इंटेलिजेंस बिल्डिंग पर 100 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह हमला 13 जून को इजराइल के ऑपरेशन ‘राइजिंग लॉयन’ का जवाब था, जिसमें ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य कमांडरों को निशाना बनाया गया था। हमले ने इजराइल के आयरन डोम और डेविड स्लिंग डिफेंस सिस्टम को आंशिक रूप से भेदा, जिससे तेल अवीव, बैट याम, और तमरा में भारी नुकसान हुआ। X पर वायरल वीडियो में तेल अवीव के आसमान में मिसाइलों की बौछार और सायरन की आवाजें दिखाई दीं।
ईरान ने दावा किया कि मोसाद हेडक्वार्टर को निशाना बनाकर इजराइल की खुफिया क्षमता को कमजोर किया गया। हालांकि, इजराइली सेना ने कहा कि हेडक्वार्टर को न्यूनतम नुकसान हुआ और कोई महत्वपूर्ण खुफिया अधिकारी हताहत नहीं हुआ।

इजराइल का पलटवारी: डिप्टी कमांडर की हत्या
इजराइली वायुसेना ने सोमवार को तेहरान के एक कमांड सेंटर पर सटीक हवाई हमला किया, जिसमें ईरानी सेना के डिप्टी कमांडर अली शादमानी मारे गए। Ynet news के अनुसार, शादमानी को तीन दिन पहले ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया गया था, जो ऑपरेशन ‘राइजिंग लॉयन’ में मारे गए पिछले कमांडर की जगह ले रहे थे। इजराइली रक्षा बल (IDF) ने इसे संयुक्त ऑपरेशन बताया, जिसमें सैन्य खुफिया निदेशालय और वायुसेना शामिल थी।
IDF के अनुसार, शादमानी ईरान के ‘खतम अल-अनबिया’ कमांड पोस्ट के प्रमुख थे, जो इजराइल के खिलाफ हमलों की योजना बना रहे थे। उनकी मौत को ईरान की सैन्य रणनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयतुल्ला खामनेई ने बदले की कसम खाई है।
युद्ध का हाल: दोनों पक्षों की स्थिति
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ईरान: स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइली हमलों में अब तक 224 लोग मारे गए हैं, जिनमें सैन्य कमांडर, परमाणु वैज्ञानिक, और नागरिक शामिल हैं। तेहरान, इस्फहान, और नतांज में परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान हुआ है।
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इजराइल: तेल अवीव, हाइफा, और पेटाह टिकवा में ईरानी मिसाइल हमलों से कई लोग मारे गए और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। इजराइल ने दुनिया भर में अपने दूतावास बंद कर दिए हैं।
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वैश्विक प्रतिक्रिया: अमेरिका ने इजराइल का समर्थन किया, जबकि जॉर्डन ने अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग किसी भी पक्ष को युद्ध के लिए न करने की चेतावनी दी।
मोसाद की भूमिका और ईरान में घुसपैठ
इजराइली हमलों के पीछे मोसाद की रणनीति उजागर हुई है। मोसाद ने ईरान में गुप्त ड्रोन बेस स्थापित किए थे, जिनका इस्तेमाल 13 जून को नतांज और अन्य परमाणु ठिकानों पर हमले के लिए किया गया। ईरान ने मोसाद के लिए जासूसी के शक में तेहरान से 28 लोगों को गिरफ्तार किया और एक व्यक्ति को फांसी दी। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका पर इजराइल का समर्थन करने का आरोप लगाया।
