रायपुर, 17 जून 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक युवती को शादी और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) में नौकरी का झांसा देकर 5.38 लाख रुपये लूट लिए गए। आरोपी ने खुद को SECL का कर्मचारी बताकर युवती का विश्वास जीता और फिर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया। आजाद चौक पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
ठगी की पूरी कहानी
रायपुर के रामकुंड इलाके में रहने वाली 28 वर्षीय हेमलता साहू की मुलाकात सितंबर 2024 में एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए मुकेश कुमार साहू (36 वर्ष, निवासी ग्राम थेंगू, कोरबा) से हुई। मुकेश ने खुद को SECL में क्लर्क के पद पर कार्यरत बताया और हेमलता से शादी का प्रस्ताव रखा। उसने दावा किया कि वह SECL में अपने कनेक्शनों के जरिए हेमलता को भी नौकरी दिला सकता है।
मुकेश ने हेमलता को भरोसे में लेने के लिए कई बार फोन पर लंबी बातचीत की और फर्जी दस्तावेज दिखाए, जिनमें SECL का लेटरहेड और कथित नौकरी के लिए आवेदन पत्र शामिल थे। उसने नौकरी के लिए “प्रोसेसिंग फीस” और “सिक्योरिटी डिपॉजिट” के नाम पर हेमलता से अलग-अलग किश्तों में कुल 5.38 लाख रुपये मांगे। हेमलता ने अपने परिवार की बचत और कुछ गहने बेचकर यह रकम मुकेश के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी।
धोखा खुलने पर फर्जी चेक का सहारा
नौकरी का कोई ठोस परिणाम नहीं दिखने पर हेमलता ने मुकेश से सवाल किए। शुरुआत में मुकेश टालमटोल करता रहा, लेकिन जब हेमलता ने पैसे वापस मांगे, तो उसने 27 जनवरी 2025 को एक फर्जी चेक की फोटो व्हाट्सऐप पर भेजी, जिसमें 5.38 लाख रुपये की राशि लिखी थी। उसने दावा किया कि यह चेक जल्द ही भुनाया जा सकता है। हालांकि, कुछ दिनों बाद मुकेश का फोन बंद हो गया, और वह हेमलता के संपर्क से बाहर हो गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
हेमलता ने अपने परिवार के साथ मिलकर 15 जून 2025 को आजाद चौक थाने में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने अपराध क्रमांक 72/25 के तहत धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 316(2) (आपराधिक विश्वासघात) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया।
आजाद चौक थाना प्रभारी एसके मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने मुकेश के मोबाइल कॉल डिटेल्स, बैंक खातों की जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उसका पता लगाया। जांच में पता चला कि मुकेश कोरबा का रहने वाला है, लेकिन वह हाल ही में जगदलपुर में छिपा हुआ था। 16 जून 2025 को पुलिस ने जगदलपुर में छापा मारकर मुकेश को गिरफ्तार कर लिया।
जब्ती और पूछताछ
पुलिस ने मुकेश के कब्जे से 25,000 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और कुछ फर्जी दस्तावेज जब्त किए। पूछताछ में मुकेश ने कबूल किया कि वह SECL में कर्मचारी नहीं है और उसने हेमलता को शादी और नौकरी का झांसा देकर ठगी की। उसने बताया कि उसने यह रकम अपने निजी खर्चों और सट्टेबाजी में उड़ा दी। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या मुकेश ने अन्य लोगों के साथ भी ऐसी ठगी की है।
पीड़िता का बयान
हेमलता ने बताया, “मैंने अपने परिवार की मेहनत की कमाई और सपनों को इस उम्मीद में दे दिया कि मुझे नौकरी और अच्छा जीवनसाथी मिलेगा। लेकिन मुझे धोखा मिला। मैं चाहती हूं कि कोई और इस तरह की ठगी का शिकार न बने।
