नई दिल्ली। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट को और रोमांचक व निष्पक्ष बनाने के लिए 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल से 6 बड़े नियमों में बदलाव किए हैं। इनमें सबसे अहम है टेस्ट क्रिकेट में स्टॉप क्लॉक नियम, जिसके तहत फील्डिंग टीम को 60 सेकेंड में नया ओवर शुरू करना होगा। नियम तोड़ने पर दो वॉर्निंग के बाद 5 रन की पेनल्टी दी जाएगी। आइए, इन बदलावों को विस्तार से जानते हैं।
स्टॉप क्लॉक नियम: समय पर खेल जरूरी
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क्या है नया नियम? फील्डिंग टीम को पिछले ओवर के खत्म होने के 60 सेकेंड के भीतर अगला ओवर शुरू करना होगा। मैदान पर इलेक्ट्रॉनिक घड़ी 0 से 60 तक गिनती दिखाएगी।
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पेनल्टी का प्रावधान: पहली दो बार नियम तोड़ने पर अंपायर वॉर्निंग देंगे। तीसरी बार से हर उल्लंघन पर बल्लेबाजी टीम को 5 रन मिलेंगे।
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रीसेट का नियम: हर 80 ओवर बाद (नई गेंद के समय) वॉर्निंग रीसेट हो जाएंगी।
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उद्देश्य: टेस्ट क्रिकेट में समय की बर्बादी रोकना और खेल को तेज करना।
अन्य 5 नियमों में बदलाव
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जानबूझकर शॉर्ट रन पर सजा: अगर बल्लेबाज जानबूझकर रन पूरा नहीं करता, तो 5 रन की पेनल्टी होगी। फील्डिंग टीम तय करेगी कि अगली गेंद कौन सा बल्लेबाज खेलेगा।
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लार पर सख्ती जारी: गेंद पर लार का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। अंपायर गेंद की स्थिति जांचेंगे और जरूरत पड़ने पर उसे बदल सकते हैं।
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नो-बॉल पर कैच का रिव्यू: नो-बॉल पर कैच की वैधता की जांच होगी। सही कैच पर बल्लेबाजी टीम को केवल 1 रन (नो-बॉल का) मिलेगा।
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DRS में सुधार: खिलाड़ी और अंपायर द्वारा एक साथ रिव्यू मांगने पर क्रमबद्ध जांच होगी।
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चोट पर रिप्लेसमेंट: डोमेस्टिक प्रथम श्रेणी क्रिकेट में गंभीर चोट (जैसे फ्रैक्चर) पर लाइक-फॉर-लाइन रिप्लेसमेंट की अनुमति ट्रायल आधार पर दी गई है।
