रायगढ़, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों का दल ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। बीती रात धरमजयगढ़ वन मंडल के कई गांवों में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। कच्चे मकानों को ढहाने के साथ-साथ धान की फसलों और खेतों में लगी बोर मशीनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय हाथियों का झुंड अचानक गांव में घुस आता है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग दहशत में हैं।

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, जिले में करीब 150 हाथी सक्रिय हैं, जिनमें से कई दल जंगल छोड़कर बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। छाल रेंज के रेंजर रविंद्र मिश्रा ने बताया कि विभाग ने ट्रैकर्स की टीमें तैनात की हैं, जो ड्रोन और रेडियो कॉलर के जरिए हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। ग्रामीणों को मशाल और शोर मचाकर हाथियों को भगाने की सलाह दी गई है।

हालांकि, ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले नुकसान से उनकी आजीविका खतरे में है। प्रभावित किसान रामलाल यादव ने बताया, “हमारी सालभर की मेहनत बर्बाद हो रही है, और मुआवजा भी समय पर नहीं मिलता।” वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों में भोजन की कमी, मानव अतिक्रमण और जलवायु परिवर्तन के कारण हाथी गांवों की ओर आ रहे हैं।
वन विभाग ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का वादा किया है, लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। विभाग ने ग्रामीणों से रात में खेतों में न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
