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June 4, 2026
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“ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी का जाल: फर्जी लिंक से अकाउंट हो रहा खाली, असली और नकली की पहचान जरूरी”

आज के डिजिटल युग में जहां सरकारी सेवाएं ऑनलाइन हो रही हैं, वहीं साइबर ठग भी लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हाल ही में ट्रैफिक ई-चालान के नाम पर साइबर फ्रॉड के कई मामले सामने आए हैं। लोगों को मोबाइल पर एक ऐसा मैसेज मिलता है जिसमें लिखा होता है कि उनके ऊपर ट्रैफिक चालान हुआ है और नीचे एक लिंक दिया होता है, जिस पर क्लिक कर भुगतान करने को कहा जाता है। जैसे ही व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल या बैंक अकाउंट हैक हो सकता है और पूरी जमा पूंजी कुछ ही मिनटों में साफ हो जाती है।

यह एक नई तरह की साइबर ठगी है जिसे फेक ई-चालान फ्रॉड कहा जा रहा है। असली ई-चालान केवल सरकारी पोर्टल से ही जारी होते हैं और उन्हें देखने के लिए आपको वाहन नंबर या चालान नंबर की जरूरत होती है। जबकि फर्जी मैसेज में सामान्य लिंक होते हैं जो सरकारी साइट जैसे दिखते हैं लेकिन असल में हैकर्स के जाल होते हैं।

कैसे पहचाने असली और फर्जी चालान?

1. असली ई-चालान केवल आधिकारिक वेबसाइट (जैसे echallan.parivahan.gov.in) या राज्य परिवहन विभाग की वेबसाइट से आता है।

2. सरकारी ई-चालान में कोई शॉर्ट लिंक नहीं होता, बल्कि पूरी URL दी जाती है।

3. SMS पर आए किसी लिंक को बिना पुष्टि के क्लिक न करें।

4. बैंक डिटेल, OTP या UPI पिन किसी से भी साझा न करें।

5. संदिग्ध चालान के लिए ट्रैफिक पुलिस हेल्पलाइन या नजदीकी थाना संपर्क करें।

क्या करें अगर फ्रॉड हो जाए?

अगर गलती से आपने लिंक पर क्लिक कर दिया है या पैसे कट गए हैं, तो तुरंत बैंक को सूचित करें और ट्रांजैक्शन को ब्लॉक करवाएं। साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) या 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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