जामताड़ा, जो साइबर ठगी का पर्याय बन चुका है, एक बार फिर सुर्खियों में है। झारखंड पुलिस और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने एक ऐसे साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने APK फाइल के जरिए पांच राज्यों में 1 करोड़ 15 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। यह ‘करोड़पति’ ठग लोगों को फर्जी ऐप्स और लुभावने ऑफर के जाल में फंसाकर उनके बैंक खातों को खाली कर देता था। एक गलत क्लिक और खाता साफ!
पुलिस की कार्रवाई में इस साइबर अपराधी को जामताड़ा से धर दबोचा गया। आरोपी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और महाराष्ट्र में सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया। उसके पास से कई मोबाइल फोन, दर्जनों सिम कार्ड, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि यह ठग मैलवेयर से लैस APK फाइल्स के जरिए लोगों के फोन में सेंध लगाता था। जैसे ही कोई यूजर फाइल डाउनलोड करता, उसका बैंक खाता हैकर्स के कब्जे में चला जाता।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इस काली कमाई से जामताड़ा में आलीशान जिंदगी बिताई। महंगी गाड़ियां, प्रॉपर्टी और लग्जरी लाइफस्टाइल उसकी ठगी की कमाई का हिस्सा थी। स्थानीय लोग उसे ‘साइबर शहंशाह’ के नाम से जानते थे। पुलिस अब इस साइबर गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान लिंक या APK फाइल्स से दूर रहें। साथ ही, जामताड़ा में साइबर जागरूकता अभियान को तेज करने की योजना बनाई जा रही है। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा के प्रति लापरवाही का गंभीर मुद्दा उठाया है।
