April 18, 2026
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दिल्ली-बेंगलुरु में 95 स्कूलों को बम की धमकी, 5 दिन में चौथा हमला, डार्क वेब से आया खौफनाक मैसेज

नई दिल्ली/बेंगलुरु: देश की राजधानी दिल्ली और टेक हब बेंगलुरु में शुक्रवार सुबह एक बार फिर दहशत का माहौल छा गया, जब 45 स्कूलों (दिल्ली) और 50 स्कूलों (बेंगलुरु) को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले। यह दिल्ली में पांच दिनों में चौथा और बेंगलुरु में पहला बड़ा मामला है। धमकी भरे ईमेल में लिखा गया, “मुझे खुशी होगी जब माता-पिता अपने बच्चों के कटे-फटे शव देखने स्कूल पहुंचेंगे।” इस भयावह संदेश ने स्कूल प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों में खलबली मचा दी।

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली के द्वारका, रोहिणी, पश्चिम विहार, पीतमपुरा और संगम विहार जैसे इलाकों के स्कूलों के साथ-साथ दिल्ली यूनिवर्सिटी के तीन कॉलेजों, जिसमें सेंट स्टीफन्स कॉलेज भी शामिल है, को धमकी भरे ईमेल मिले। बेंगलुरु में राजराजेश्वरी नगर और केंगेरी जैसे क्षेत्रों के 50 निजी स्कूलों को निशाना बनाया गया। ईमेल में दावा किया गया कि स्कूलों में ट्राइनाइट्रोटोल्यूइन (TNT) युक्त विस्फोटक उपकरण काले प्लास्टिक बैग में छिपाए गए हैं। धमकी देने वाले ने खुद को ‘रोडकिल’ बताते हुए मानसिक बीमारी का हवाला दिया और समाज व मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर नाराजगी जताई।

पुलिस और प्रशासन का एक्शन

सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते, स्पेशल सेल और फायर ब्रिगेड की टीमें स्कूलों में पहुंचीं। बेंगलुरु में भी पुलिस और बम स्क्वॉड ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। सभी स्कूलों को खाली कराया गया, और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गहन तलाशी के बाद अभी तक किसी भी स्कूल में विस्फोटक नहीं मिला है, लेकिन जांच जारी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि धमकियां साइबर टेररिज्म या मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति की हरकत हो सकती हैं। साइबर सेल ईमेल की उत्पत्ति का पता लगाने में जुटी है, जो एक एन्क्रिप्टेड नेटवर्क से भेजे गए प्रतीत होते हैं।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले

यह कोई नया मामला नहीं है। दिल्ली में इस सप्ताह 14, 15 और 16 जुलाई को भी स्कूलों और कॉलेजों को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिले थे। मई 2024 में दिल्ली-एनसीआर के 250 स्कूलों को एक ही दिन में बम की धमकी मिली थी, जो बाद में फर्जी साबित हुई थी। जांच में कुछ मेल रूस और ऑस्ट्रिया के आईपी एड्रेस से जुड़े पाए गए थे। हाल ही में एक 12 साल के बच्चे को स्कूल बंद कराने के लिए धमकी भरा ईमेल भेजने के आरोप में हिरासत में लिया गया था, जिसे काउंसलिंग के बाद छोड़ दिया गया।

अभिभावकों में डर का माहौल

धमकियों के चलते कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से मना कर दिया। एक अभिभावक ने कहा, “हर दिन ऐसी खबरें सुनकर दिल दहल जाता है। बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?” स्कूल प्रशासन ने भी अभिभावकों को व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए सतर्क रहने की सलाह दी है।

सुरक्षा पर सवाल

लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों को अपनी सुरक्षा प्रणाली मजबूत करने और साइबर खतरों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण की जरूरत है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

पुलिस और साइबर सेल इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। दिल्ली और बेंगलुरु में स्कूलों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जा रही है। प्रशासन ने अभिभावकों से धैर्य बनाए रखने और बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए स्कूलों के साथ सहयोग करने की अपील की है। फिलहाल, यह सिलसिला कब थमेगा, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है

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