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September 9, 2026
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सऊदी अरब के ‘स्लीपिंग प्रिंस’ का 20 साल बाद निधन: कोमा में बीता आधा जीवन, 15 साल की उम्र में हादसे ने छीनी थी चेतना

रियाद, सऊदी अरब : सऊदी अरब के राजकुमार अल-वलीद बिन खालिद बिन तलाल अल सऊद, जिन्हें दुनिया ‘स्लीपिंग प्रिंस’ के नाम से जानती थी, का 36 साल की उम्र में निधन हो गया। 20 साल पहले, 2005 में लंदन में एक भीषण कार दुर्घटना के बाद वे कोमा में चले गए थे। उस समय उनकी उम्र महज 15 साल थी। दो दशकों तक लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे ‘स्लीपिंग प्रिंस’ की कहानी ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी थी।

हादसे ने बदल दी जिंदगी:

2005 में लंदन में मिलिट्री ट्रेनिंग के दौरान अल-वलीद का कार एक्सीडेंट हुआ था। इस हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लगी, जिसके कारण ब्रेन हैमरेज हुआ और वे कोमा में चले गए। डॉक्टरों ने उनके ठीक होने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन उनके पिता प्रिंस खालिद बिन तलाल ने लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने से इनकार कर दिया। उनकी मां को हमेशा विश्वास था कि उनका बेटा एक दिन होश में आएगा।

विश्वास और उम्मीद की मिसाल:

‘स्लीपिंग प्रिंस’ की कहानी सऊदी अरब और दुनिया भर में चर्चा का विषय रही। उनके पिता ने आर्थिक और भावनात्मक रूप से हर संभव कोशिश की ताकि अल-वलीद को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं मिलें। उनकी मां की उम्मीद और प्रार्थनाओं ने भी कई लोगों को प्रेरित किया। हालांकि, 20 साल बाद यह जंग खत्म हो गई, और अल-वलीद ने रियाद के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

सोशल मीडिया पर शोक की लहर:

अल-वलीद के निधन की खबर फैलते ही सऊदी अरब और दुनिया भर में सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने उनकी मां के विश्वास और परिवार के धैर्य को सलाम किया। एक यूजर ने लिखा, “20 साल तक उम्मीद न हारने वाली मां की ममता को नमन। अल-वलीद अब अल्लाह के पास हैं।”

पिता का बयान:

प्रिंस खालिद बिन तलाल ने अपने बेटे के निधन पर कहा, “यह अल्लाह का हुक्म है। हमने हर संभव कोशिश की, लेकिन अल्लाह की मर्जी के आगे सभी नतमस्तक हैं।” उन्होंने लोगों से अपने बेटे के लिए दुआ करने की अपील की।

सऊदी शाही परिवार में शोक:

सऊदी शाही परिवार ने अल-वलीद के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके निधन की खबर ने न केवल सऊदी अरब, बल्कि पूरी दुनिया में लोगों को भावुक कर दिया। उनकी कहानी उम्मीद, विश्वास और दुख की एक ऐसी दास्तान बन गई, जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

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