पुरी, ओडिशा : ओडिशा के पुरी जिले में एक दिल दहलाने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को तीन क्रूर आरोपियों ने पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। लड़की 70-75% तक झुलस चुकी है और उसकी हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे भुवनेश्वर AIIMS से दिल्ली AIIMS में एयरलिफ्ट किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटे हैं।
घटना का विवरण:
यह भयावह घटना पुरी के बलंगा थाना क्षेत्र में हुई। बताया जा रहा है कि तीन आरोपियों ने नाबालिग पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरी लड़की को स्थानीय लोगों ने किसी तरह बचाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। भुवनेश्वर AIIMS में प्रारंभिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली AIIMS रेफर करने का फैसला किया। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्वयं इस मामले पर नजर रखी और लड़की के बेहतर इलाज के लिए तत्काल एयरलिफ्ट की व्यवस्था की।
स्थानीय लोगों में आक्रोश:
इस क्रूर घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भुवनेश्वर AIIMS के बाहर सैकड़ों लोग इकट्ठा होकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने और कठोर सजा देने की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई:
बलंगा पुलिस स्टेशन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, और पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश को इस घटना का कारण बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मुख्यमंत्री का बयान:
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना को “अमानवीय और निंदनीय” करार देते हुए कहा, “हमारी सरकार पीड़िता को हर संभव मदद प्रदान कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने दिल्ली AIIMS में लड़की के इलाज की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
लड़की की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है, और डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने के लिए दिन-रात जुटी हुई है। इस घटना ने समाज में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन इस मामले में कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
