रायपुर | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोयला घोटाले से जुड़े एक अहम फैसले में सौम्या चौरसिया और सूर्यकांत तिवारी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अटैच की गई प्रॉपर्टी पर अपना हक जताने वाली 10 याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही स्पष्ट किया गया कि ED के पास जब्त की गई संपत्ति का स्वामित्व नहीं होता, इसलिए अब सौम्या और सूर्यकांत अपनी संपत्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
क्या कहा कोर्ट ने?
कोर्ट ने कहा कि जब कोई संपत्ति अटैच होती है तो वह केवल जांच और ट्रायल तक सीमित होती है। इसका मतलब यह नहीं कि ED को उस संपत्ति पर स्थायी अधिकार मिल जाता है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों को मानते हुए यह फैसला सुनाया।
कोयला घोटाले में है नाम
सौम्या चौरसिया (पूर्व CM भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी) और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी का नाम चर्चित कोयला परिवहन भ्रष्टाचार मामले में सामने आया था। ED ने इनकी करोड़ों की संपत्तियां जब्त की थीं और उसे अपनी संपत्ति मानते हुए याचिकाएं दाखिल की थीं।
10 याचिकाएं एकसाथ की गईं खारिज
ED ने इन संपत्तियों पर अधिकार जताने के लिए 10 याचिकाएं दायर की थीं, जिन्हें अब कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले को कानूनी विशेषज्ञ बड़ी राहत मान रहे हैं, क्योंकि इससे संपत्ति की वैधता को लेकर एक अहम मिसाल भी स्थापित होती है।
अब सौम्या और सूर्यकांत को संपत्ति का इस्तेमाल करने का रास्ता साफ हो गया है, हालांकि ED इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकती है।
