सावन का पवित्र महीना, जब श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में डूबे होते हैं और कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं, उस समय एक भीषण हादसे ने श्रद्धा को शोक में बदल दिया। झारखंड के देवघर जिले में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में पाँच कांवड़ियों की जान चली गई और दो दर्जन से अधिक घायल हो गए।
यह दुर्घटना देवघर-दुमका मुख्य मार्ग पर हुई, जब श्रद्धालुओं से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर एक ट्रक से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस का ड्राइवर अचानक सीट से नीचे गिर पड़ा, जिससे बस बिना नियंत्रण के करीब 100 मीटर तक चलती रही और फिर सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई कांवड़िए बस में ही फंसे रह गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को फौरन देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों में चार कांवड़िए बिहार के निवासी थे, जबकि एक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
प्रारंभिक खबरों में सांसद निशिकांत दुबे ने 18 लोगों की मौत की बात कही थी, परंतु प्रशासन द्वारा पुष्टि के बाद स्पष्ट हुआ कि इस हादसे में पाँच लोगों की जान गई है।
यह हादसा कई सवाल खड़े करता है — क्या धार्मिक यात्राओं के दौरान यात्री वाहनों की सही जांच होती है? क्या सावधानी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाते हैं?
