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June 5, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

“अस्पताल की लापरवाही बनी मासूम की मौत का कारण: एंटी-स्नेक वेनम होने के बावजूद इलाज नहीं मिला”

अस्पतालों का कार्य होता है मरीजों को समय पर उपचार देना, लेकिन जब लापरवाही और संवेदनहीनता हावी हो जाती है, तो परिणाम बेहद दर्दनाक होते हैं। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बीडीएम अस्पताल में ऐसी ही एक हृदयविदारक घटना सामने आई।

घटना का विवरण:

4 अगस्त 2025 को 22 माह के मासूम आयुष देवांगन की सर्पदंश के कारण मौत हो गई। परिजन उसे तुरंत बीडीएम अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ ने इलाज करने से इनकार कर दिया। जबकि अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम मौजूद था, फिर भी नर्सों ने गंभीरता नहीं दिखाई। बिना इलाज किए ही बच्चे को निजी अस्पताल ले जाने की मौखिक सलाह देकर लौटा दिया गया।

परिजनों का बयान:

परिजनों का कहना है कि शुक्रवार देर शाम वे अपने बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल के स्टाफ ने केवल यह कहकर लौटा दिया कि वे बच्चे को किसी बेहतर निजी अस्पताल में ले जाएं। यह उस समय कहा गया जब हर मिनट महत्वपूर्ण था। बच्चे को समय पर इलाज नहीं मिला और उसकी जान चली गई।

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