September 5, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में स्कूलों का परीक्षा पैटर्न बदला: अब सालभर की पढ़ाई से तय होगा रिजल्ट, तिमाही-छमाही अंकों को मिला महत्व

छत्तीसगढ़ सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और दूरगामी बदलाव लागू करने का निर्णय लिया है। अब छात्रों का मूल्यांकन केवल वार्षिक या मुख्य परीक्षा के आधार पर नहीं किया जाएगा, बल्कि पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान उनकी पढ़ाई और प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए अंतिम परिणाम तैयार किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत तिमाही और छमाही परीक्षाओं में प्राप्त अंकों को भी सीधे फाइनल रिजल्ट में जोड़ा जाएगा।

शिक्षा विभाग का मानना है कि अब तक कई स्कूलों में तिमाही और छमाही परीक्षाएं केवल औपचारिकता बनकर रह गई थीं, जिन्हें न छात्र गंभीरता से लेते थे और न ही शिक्षक। लेकिन नई प्रणाली के लागू होने के बाद इन परीक्षाओं का सीधा असर वार्षिक परिणाम पर पड़ेगा, जिससे पढ़ाई के प्रति निरंतरता और अनुशासन बढ़ेगा। यह व्यवस्था कक्षा पहली से आठवीं तक लागू की जाएगी, जबकि कक्षा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को इससे अलग रखा गया है।

इस फैसले से प्रदेश के लगभग 45 लाख स्कूली छात्र प्रभावित होंगे। विभाग का दावा है कि इससे न केवल छात्रों में नियमित अध्ययन की आदत विकसित होगी, बल्कि शिक्षकों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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