छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर सुर्खियों में हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है।
इस वीडियो में अजय चंद्राकर भाजपा के ही वरिष्ठ नेताओं अजय जम्वाल और किरण सिंहदेव की मौजूदगी में मंच पर अपनी नाराजगी ज़ाहिर करते हुए, उन्हें दिया गया सम्मान प्रतीक और गमछा लौटा रहे हैं। यह दृश्य केवल एक व्यक्तिगत विरोध नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर व्याप्त असंतोष और गुटबाज़ी की ओर भी संकेत कर रहा है।
कांग्रेस ने इस मौके को हाथों-हाथ लिया और इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए भाजपा में अंदरूनी मतभेद और असंतोष के आरोप लगाए हैं। विपक्ष का कहना है कि भाजपा अपने ही नेताओं के सम्मान की रक्षा नहीं कर पा रही और इस तरह की घटनाएं पार्टी की खोखली एकता को उजागर करती हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब भाजपा राज्यभर में सदस्यता अभियान चला रही है और संगठन को मजबूत करने की कोशिश में लगी है। अजय चंद्राकर जैसे वरिष्ठ नेता की नाराजगी पार्टी की रणनीति पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है और यह स्पष्ट करती है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
इस घटना ने न सिर्फ भाजपा को जवाबदेही के कठघरे में खड़ा किया है, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में आने वाले दिनों में नए समीकरण बनने की संभावनाएं भी बढ़ा दी हैं।
