छत्तीसगढ़ की सियासत में उस वक्त हलचल मच गई जब प्रदेश के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने एक जनसभा के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तुलना डॉ. भीमराव अंबेडकर से कर दी। उन्होंने कहा, “खड़गे बाबा साहेब अंबेडकर के दूसरे अवतार हैं।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इस बयान ने विपक्षी भाजपा को हमलावर बना दिया है। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने इसे अंबेडकर का अपमान बताते हुए कहा, “ऐसे नेताओं को कांग्रेस से तत्काल बाहर निकाल देना चाहिए। ये बयान दलित समाज के साथ धोखा है।” उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी अब विचारधारा से भटक चुकी है और वोट बैंक के लिए किसी भी स्तर तक जा सकती है।
कांग्रेस के भीतर भी अमरजीत भगत के बयान पर मिलेजुले सुर सुनाई दे रहे हैं। कुछ नेताओं ने इसे उनका व्यक्तिगत दृष्टिकोण बताया, जबकि कुछ ने कहा कि खड़गे के संघर्ष और योगदान को सम्मान देने के लिए यह भावनात्मक बयान दिया गया होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बयान दलित समुदाय को रिझाने की कोशिश हो सकती है, जो आगामी चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। हालांकि, इस तरह की अतिशयोक्तिपूर्ण तुलना से सियासी नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।
यह पूरा घटनाक्रम कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है, वहीं भाजपा इसे मुद्दा बनाकर हमले तेज कर रही है।
