छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली बिल में किए गए बदलावों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। राज्य सरकार द्वारा ‘हाफ बिजली बिल योजना’ में संशोधन के बाद आम लोगों पर बढ़े बिजली बिल का असर साफ नजर आने लगा है। इसी को लेकर दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन का बिगुल बजाया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व दुर्ग जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर दुर्ग बिजली कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाज़ी की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में लालटेन लेकर प्रदर्शन किया, जो इस बात का प्रतीक था कि यदि बिजली बिल ऐसे ही बढ़ते रहे, तो आम आदमी को दोबारा लालटेन की रोशनी में जीवन गुज़ारना पड़ेगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। तख्तियों पर लिखे नारों जैसे “बिजली बिल में वृद्धि नहीं चलेगी” और “अडानी हटाओ, छत्तीसगढ़ बचाओ” ने साफ जाहिर किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
कांग्रेस की मांग है कि ‘हाफ बिजली बिल योजना’ को पूर्व रूप में बहाल किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। साथ ही, बिजली की दरों में की गई बढ़ोत्तरी को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। कांग्रेस का यह भी आरोप है कि वर्तमान सरकार उद्योगपतियों के हितों को साधने के लिए आम जनता के हक पर चोट कर रही है।
यह विरोध प्रदर्शन केवल दुर्ग तक सीमित नहीं रहेगा—कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो पूरे राज्य में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर से बिजली को गर्म मुद्दा बना दिया है।
