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June 5, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

रायपुर में पैसे के विवाद ने दोस्ती को कत्ल में बदला, फिर जश्न भी मनाया!

रायपुर। 12 अगस्त की सुबह आरंग–राटाकाट रोड पर झाड़ियों के बीच एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 28 वर्षीय गिरिजा शंकर धीवर के रूप में हुई, जो ग्राम भोथली का रहने वाला था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पैसे को लेकर दोस्तों ने संगठित साजिश रची—और हत्या के बाद जश्न भी मनाया!

 घटना विवरण:

12 अगस्त की सुबह ASP दौलत राम पोर्ते के अनुसार, युवक का शव नाले के पास झाड़ियों में मिला, जिस पर गला घोंटने के गहरे निशान थे। पास में ही उसकी टूटी बाइक भी बरामद हुई। 

पहचान व पृष्ठभूमि गिरिजा शंकर धीवर, 28, राजमिस्त्री का काम करता था। 11 अगस्त की सुबह काम पर निकल गया था लेकिन अचानक कही गायब हो गया। 

जांच की दिशा उसे अंतिम बार मधुसूदन लोधी के साथ देखा गया था। पूछताछ में पता चला कि पैसे को लेकर विवाद था—मधुसूदन और गिरिजा के बीच उलझनें बढ़ीं। 

हत्या की योजना मधुसूदन ने गिरिजा को शराब की अपील कर बुलाया। डिगेश्वर लोधी, अजय निशांत, नीलकंठ, जयप्रकाश और कमल लोधी को पैसे का लालच देकर शामिल किया गया।

घटनास्थल पर वारदात शराब के बहाने सभी आरोपी एकत्र हुए, बातचीत तनावपूर्ण हुई और मधुसूदन ने गमछे से गिरिजा का गला घोंट दिया।

सबूत मिटाने की कोशिश गमछा पास के तालाब में जला दिया गया, गिरिजा का मोबाइल तोड़कर पानी में फेंका गया। 

जश्न की ठिठोली जघन्य वारदात के बाद आरोपी पास ही पहुँचे, जहां मछली पकाई और शराब का जमकर आनंद लिया। 

पुलिस की सक्रियता:

घटना स्थल पर झाड़ियों में मिला शव, गला दबाए जाने के निशान साफ थे, जिससे फौरन हत्या का अंदेशा हुआ CDR और टेक्निकल जाँच के आधार पर मधुसूदन व अन्य आरोपियों तक पुलिस पहुंची। गवाहों के बयान से योजना और पार्टी की पुष्टि हुई। 6 आरोपियों (मधुसूदन, डिगेश्वर, अजय निशांत, नीलकंठ, जयप्रकाश, कमल लोधी) को गिरफ्तार किया गया है; दो बाइक और मोबाइल जब्त किए गए हैं।  

सामाजिक आक्रोश:

घटना की क्रूरता ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध किया—“पैसे के विवाद में दोस्त कहना और उसके साथ अंजाम ये, यह इंसानियत ही शर्मसार करते हैं।” मृतक का परिवार सख्त सजा की मांग कर रहा है—“दोस्ती की आड़ में की गई यह हत्या न्याय चौपाल को हिला रही है।”

पुलिस अधिकारी का बयान:

“हत्या के तुरंत बाद शराब एवं मछली की पार्टी इस बात का सुबूत है कि आरोपी न केवल अपने कृत्य पर शर्मिंदा थे, बल्कि मन में किसी भी तरह का भय या अपराधबोध नहीं था।”

— ASP दौलत राम पोर्ते 

 अगले कदम व कानूनी प्रक्रिया:

  • फॉरेंसिक रिपोर्ट आने पर अंतिम स्ट्रांग सबूत मिलेंगे।
  • प्रारंभिक आरोप ‘पहला दिल का दबाने’ (मर्डर) है, आगे कि कानूनी धाराओं के साथ आरोप तय होंगे।
  • पुलिस सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी और मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की तैयारी है।

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