रायपुर: स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर छत्तीसगढ़ के 11 पुलिसकर्मियों को उनकी वीरता और साहस के लिए पुलिस वीरता पदक (गैलेंट्री अवॉर्ड) से सम्मानित किया जाएगा। इनमें रायपुर के भुनेश्वर साहू का नाम विशेष रूप से चर्चा में है। साहू ने दरभा घाटी में नक्सली हमले के दौरान अपनी टीम को सुरक्षित निकालकर असाधारण साहस का परिचय दिया था। यह खबर दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर प्रकाशित हुई है।
भुनेश्वर साहू की वीरता की कहानी
रायपुर के पुलिसकर्मी भुनेश्वर साहू ने 2023 में दरभा घाटी (बस्तर) में हुए एक घातक नक्सली हमले के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी टीम को बचाया। नक्सलियों ने अचानक भारी गोलीबारी शुरू कर दी थी, जिसमें कई जवानों की जान खतरे में थी। साहू ने न केवल स्थिति को संभाला, बल्कि रणनीतिक ढंग से अपनी टीम को सुरक्षित स्थान पर ले गए। उनकी इस बहादुरी ने न सिर्फ उनकी टीम की जान बचाई, बल्कि नक्सलियों के मंसूबों को भी नाकाम किया।
11 पुलिसकर्मियों का सम्मान
छत्तीसगढ़ पुलिस के इन 11 जवानों को नक्सल विरोधी अभियानों, अपराध नियंत्रण और खतरनाक परिस्थितियों में उनकी वीरता के लिए गैलेंट्री अवॉर्ड से नवाजा जा रहा है। इनमें से अधिकांश जवान बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं, जहां वे कठिन परिस्थितियों में डटकर मुकाबला करते हैं। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर रैंक के जवान शामिल हैं।
मुख्यमंत्री और डीजीपी की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन पुलिसकर्मियों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा, “हमारे जवानों का साहस और समर्पण छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। यह पुरस्कार उनकी निस्वार्थ सेवा का सम्मान है।” पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक जुनेजा ने भी जवानों को बधाई दी और कहा कि यह सम्मान पूरे पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
नक्सल विरोधी अभियानों में छत्तीसगढ़ पुलिस की भूमिका
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में पुलिस और सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। इन अभियानों में कई बार जवान अपनी जान जोखिम में डालकर स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। गैलेंट्री अवॉर्ड जैसे सम्मान जवानों का मनोबल बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान समारोह
ये पुरस्कार 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किए जाएंगे। समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। यह सम्मान न केवल इन 11 जवानों, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ पुलिस बल के लिए गर्व का क्षण होगा।
