झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का दुखद निधन हो गया। दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका निधन पूरे राज्य के लिए एक गहरा आघात है।
2 अगस्त की सुबह घोड़ाबांधा स्थित अपने सरकारी आवास में बाथरूम में फिसलने से उन्हें गंभीर चोट लगी थी। गिरने से उनके सिर में गहरी चोट आई, जिसके बाद उनकी स्थिति नाजुक हो गई। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें एयर लिफ्ट कर दिल्ली लाया गया और अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति लगातार गंभीर बनी रही।
रामदास सोरेन एक सरल स्वभाव और लोकप्रिय जननेता थे। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। वे समाज के वंचित और पिछड़े तबकों के लिए निरंतर कार्य करते रहे। उनका जीवन संघर्ष और सेवा का प्रतीक था।
उनके असामयिक निधन से झारखंड की राजनीति और शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है और लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उनका जीवन हम सबको यह संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन में सेवा और समर्पण सबसे बड़ा धर्म है।
