26 अगस्त 2025 को कोरबा के लिए एक ऐतिहासिक दिन साबित हुआ। लंबे समय से लंबित बहुप्रतीक्षित एल्यूमिनियम पार्क परियोजना को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। कोरबा को व्यावसायिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह कदम एक मील का पत्थर साबित होगा।
वाणिज्य, उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से उत्पादन कंपनी के बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 105 हेक्टेयर भूमि उद्योग विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। यह भूमि कोहडिया स्थित कोरबा ताप विद्युत गृह की है, जिसे अब शीघ्र ही उद्योग विभाग के नाम कर दिया जाएगा। इसके लिए बोर्ड ने प्रबंध निदेशक को अधिकृत कर दिया है।
इसके साथ ही जिला प्रशासन, नजूल और राजस्व विभाग को भूमि का सत्यापन एवं सीमांकन करने का आदेश दिया गया है। ऊर्जा विभाग द्वारा भी नजूल अधिकारी को पत्र जारी कर हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह सभी कदम यह दर्शाते हैं कि सरकार कोरबा जिले को औद्योगिक हब बनाने के लिए गंभीर है।
गौरतलब है कि इस एल्यूमिनियम पार्क निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में उद्योग विभाग के बजट प्रस्ताव में 5 करोड़ रुपये की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। यह पार्क न केवल स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक छवि को भी एक नई पहचान देगा।
इस निर्णय से यह उम्मीद की जा रही है कि कोरबा आने वाले वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी बनेगा और राज्य के आर्थिक विकास में अहम योगदान देगा।
