July 21, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में शिक्षा विभाग के अधिकारी निलंबित

बिलासपुर, 1 सितंबर 2025। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बिलासपुर में पदस्थ कनिष्ठ लेखा परीक्षक हेमंत शर्मा को उनकी सेवा संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन न करने, स्वेच्छाचारिता अपनाने और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करने के गंभीर आरोपों में निलंबित कर दिया गया है। विभाग द्वारा जारी आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

निलंबन की अवधि में हेमंत शर्मा का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिल्हा निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह कार्रवाई विभागीय अनुशासन और कार्यकुशलता को बनाए रखने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस मामले की पृष्ठभूमि मंजुष्री बर्मन, व्याख्याता (भौतिक), शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय करगीकला, विकासखंड कोटा द्वारा प्रस्तुत आवेदन से जुड़ी हुई है। उन्होंने 26 मई 2025 और 7 जुलाई 2025 को जिला कार्यालय बिलासपुर में आवेदन देकर इस संबंध में शिकायत दर्ज की थी। उनके आवेदन में स्वेच्छिक असहमति, न्यायालय के आदेश और न्यायोचित कारणों का उल्लेख किया गया था।

बाद में उच्च न्यायालय, बिलासपुर के आदेश (याचिका क्रमांक WPS 6030/2025, आदेश दिनांक 2 जुलाई 2025) को ध्यान में रखते हुए शिकायत की जांच की गई और आरोपों को गंभीर पाया गया। इसके परिणामस्वरूप हेमंत शर्मा के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही अनिवार्य समझी गई।

यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि शिक्षा विभाग में लापरवाही, गैर-जिम्मेदारी और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है कि उन्हें अपने पद और जिम्मेदारियों के निर्वहन में हमेशा पारदर्शिता और निष्ठा बनाए रखनी होगी।

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