रायपुर के महिला थाने के बाहर मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। पारिवारिक विवाद से आहत एक महिला ने थाने के सामने ही खुद को आग के हवाले कर दिया। अचानक लगी आग से महिला चीखते-चिल्लाते सड़क पर दौड़ने लगी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
महिला के परिजन और वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत हिम्मत दिखाते हुए पानी डालकर किसी तरह आग बुझाई और उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुँचाया। फिलहाल महिला का इलाज जारी है और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक महिला का पारिवारिक विवाद लंबे समय से चल रहा था। थाने के बाहर आत्मदाह का प्रयास इसी विवाद से उपजा तनाव बताया जा रहा है। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन परिस्थितियों ने महिला को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।
यह घटना समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है—परिवार में संवाद की कमी, मानसिक तनाव और सामाजिक सहयोग की अनुपस्थिति किस तरह से व्यक्ति को आत्मघाती कदम उठाने तक ले जा सकती है। ऐसे मामलों से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस और समाज को मिलकर ऐसे लोगों की मदद के लिए संवेदनशील और प्रभावी तंत्र विकसित करना जरूरी है।
