12 सितंबर 2045 को मर्दापाल/कोंडागांव जिले के अंतर्गत एक हृदयविदारक घटना सामने आई। ग्राम पंचायत नवागांव के आश्रित ग्राम पदेली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में करंट लगने से ढाई साल की मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सुबह करीब 11 बजे हुई, जिसने पूरे गांव को गहरे शोक और सदमे में डाल दिया।
मृतका के पिता अंतरराम यादव ने बताया कि उनकी बेटी रोज़ की तरह आंगनबाड़ी गई थी। लेकिन उस समय न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थीं और न ही अन्य बच्चे। कुछ देर बाद मृतका का भाई घर आकर घबराते हुए बोला कि उसकी बहन को करंट लग गया है। जब परिजन मौके पर पहुंचे तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। मृत बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मर्दापाल लाया गया। लेकिन परिजनों का आरोप है कि वे दोपहर 3 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, इसके बावजूद शाम तक कोई डॉक्टर पोस्टमार्टम करने नहीं आया। इस देरी ने परिजनों के दुख को और बढ़ा दिया।
यह घटना न केवल लापरवाही को उजागर करती है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। मासूम की असमय मौत ने पूरे गांव को शोकाकुल कर दिया है और परिजन गहरे सदमे में हैं।
