छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 12 सितंबर 2025 को मैनपुर थाना क्षेत्र के राजोडेरा-मटल पहाड़ियों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में 5.22 करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता मोदम बालकृष्ण उर्फ मनोज, प्रमोद उर्फ पंडर्रा और विमल उर्फ जाडी वेंकट सहित कुल 10 नक्सली मारे गए।
गरियाबंद पुलिस की ई-30 टीम, एसटीएफ, सीआरपीएफ और कोबरा 207 बटालियन ने संयुक्त रूप से 10 सितंबर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। 11 सितंबर को नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर घात लगाकर फायरिंग की, जिसका जवाब जवानों ने आत्मरक्षा में दिया। इस कार्रवाई में 6 पुरुष और 4 महिला नक्सलियों का सफाया किया गया।
घटनास्थल की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए। इसमें एके-47, इंसास, एसएलआर जैसी 10 राइफलें, ऑटोमैटिक हथियार, तीर-धनुष और नक्सलियों द्वारा प्रयोग की जाने वाली सामग्री मिली। यह कार्रवाई नक्सल उन्मूलन की दिशा में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
