मुंगेली, 1 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद शराबबंदी और तस्करी रोकने के तमाम दावे किए गए, लेकिन ज़मीनी सच्चाई इन दावों को आईना दिखा रही है। मुंगेली जिले से आई एक शर्मनाक खबर ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है—जहां तस्करों ने एक सरकारी स्कूल को ही शराब के गोदाम में बदल दिया।
मामला सरंगांव क्षेत्र के बावली गांव का है। यहां दशहरा और नवरात्रि की छुट्टी में बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय के कमरे में तस्करों ने मध्यप्रदेश से लाई गई शराब की 10 पेटियां और 30 लीटर रेक्टिफाइड स्प्रिट छिपा रखी थी। कमरे को बाहर से ताला लगाकर छोड़ दिया गया ताकि किसी को शक न हो। लेकिन जब ग्रामीणों को स्कूल से शराब की गंध आने लगी तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला तोड़कर कमरे की तलाशी ली और भारी मात्रा में शराब जब्त की। जांच में खुलासा हुआ कि यह शराब मध्यप्रदेश से लाई गई थी और स्थानीय नेटवर्क के जरिए बेचे जाने की तैयारी थी।
इस घटना ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि प्रदेश की शराब नीति पर भी गहरा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि “भाजपा की सरकार शिक्षा का मंदिर बंद कर अब शराब के केंद्र खोल रही है।”
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने तीखा हमला बोलते हुए कहा—
“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार अब स्कूलों को भी नहीं छोड़ रही। जब सैयां भए कोतवाल तो डर काहे का! प्रशासन के संरक्षण में तस्कर अब स्कूलों को शराब का गोदाम बना रहे हैं। यह सरकार बच्चों को शिक्षा नहीं, नशा दे रही है।”
ग्रामीणों का कहना है कि तस्करों ने जानबूझकर त्योहारों की छुट्टियों का फायदा उठाया। वहीं पुलिस का कहना है कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है और तस्करों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
