रायपुर, 1 अक्टूबर 2025। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ एक लंबी और महत्वपूर्ण मैराथन बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य बजट में प्रावधानित सभी योजनाओं और कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा करना और उन्हें तय समयसीमा में पूरा करने के लिए दिशा-निर्देश देना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों को समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करना होगा, ताकि जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि बजट में स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर पूरा करना अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपनी प्रगति रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करे और हर परियोजना की नियमित निगरानी सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन विभागों पर ध्यान केंद्रित किया जिनमें पूंजीगत व्यय की गति धीमी है। उन्होंने कहा कि निर्माण और विकास परियोजनाओं में तेजी लाई जाए ताकि राज्य की विकास गति को और रफ्तार मिले। बैठक में नए मुख्य सचिव विकास शील और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित सभी विभागों के सचिव और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की मंत्रालय में नियमित उपस्थिति पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर से सभी अधिकारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे उपस्थिति और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी।
बैठक में प्रत्येक विभागवार कार्यों की प्रगति का फीडबैक लिया गया और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, और किसी भी तरह की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह बैठक नए मुख्य सचिव के कार्यभार संभालने के बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में होने वाली पहली हाईलेवल समीक्षा बैठक रही, जिसे राज्य के विकास के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।
