बच्चा चोरी जैसा अपराध न केवल कानून के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरी चिंता का विषय है। इसी सिलसिले में बिहार के नालंदा और बिहारशरीफ इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। बच्चा चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह को पकड़कर अदालत में पेश किया गया और तीन आरोपियों को 72 घंटे की रिमांड पर भेजा गया है। यह कार्रवाई इस बात की गवाही देती है कि पुलिस अब इस संवेदनशील अपराध पर सख्ती से नकेल कस रही है
🔸 घटना का विवरण
नालंदा और बिहारशरीफ में पुलिस ने एक सुनियोजित अभियान चलाकर बच्चा चोरी के मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह के तीन सदस्यों से पूछताछ के लिए 72 घंटे की पुलिस रिमांड ली गई है।
पुलिस टीम ने इस कार्रवाई के तहत 6 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की, जहाँ से कई अहम सुराग मिले हैं। ये आरोपी बच्चों को “रंग और डिमांड” के हिसाब से चोरी करते थे और फिर उन्हें उन लोगों को बेच देते थे जो संतान की चाह में थे।
🔸 गिरोह की कार्यशैली
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से इस अवैध काम में सक्रिय था।
वे अस्पतालों और क्लीनिकों के पास ऐसे परिवारों की पहचान करते थे जिन्हें बच्चा गोद लेना होता था।
फिर उसी हिसाब से वे नवजात या छोटे बच्चों की चोरी करते थे।
बच्चों को तस्करी कर बेचने के लिए वे दूसरे राज्यों तक नेटवर्क फैलाए हुए थे।
पुलिस मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और गिरोह के संपर्क सूत्रों की जांच में जुटी है
🔸 पुलिस की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने छापेमारी में कुछ जरूरी दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपियों से पूछताछ के दौरान अन्य साथियों और सप्लाई चैन की जानकारी भी मिल सकती है। पुलिस इस मामले को संगठित अपराध की श्रेणी में रखकर जांच कर रही है।
