गोवा की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ और वरिष्ठ नेता Ravi Naik का मंगलवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे। देर रात पोंडा स्थित उनके घर पर अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली। इस खबर के फैलते ही पूरे गोवा में शोक की लहर दौड़ गई।
बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके घर खड़पाबांध, पोंडा लाया गया, जहाँ स्थानीय नागरिकों, समर्थकों और राजनीतिक साथियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनका अंतिम संस्कार दोपहर 3 बजे किया जाएगा। रवि नाइक के निधन से राज्य की राजनीति में गहरा शून्य पैदा हो गया है।
रवि नाइक ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत Maharashtrawadi Gomantak Party से की थी। बाद में वे Indian National Congress में शामिल हुए। उन्होंने दो बार गोवा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली — पहली बार जनवरी 1991 से मई 1993 तक और दूसरी बार अप्रैल 1994 में। इसके अलावा, उन्होंने कई बार विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की और कई अहम विभागों की बागडोर संभाली।
उनका राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हमेशा जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। वे पोंडा क्षेत्र में अत्यंत लोकप्रिय रहे और कई बार विधायक बने। बतौर कृषि मंत्री उन्होंने राज्य में कृषि सुधारों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं की शुरुआत की।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री Pramod Sawant ने गहरा शोक जताया और तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि रवि नाइक एक अनुभवी प्रशासक और सच्चे जनसेवक थे, जिन्होंने गोवा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रवि नाइक के जाने से गोवा की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है। राजनीतिक दलों, समाजसेवियों और आम नागरिकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उनका योगदान और सेवाएं राज्य के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएंगी।
