बीजापुर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई के बाद सागौन तस्करी का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। दीपावली के दिन की गई इस कार्रवाई में वन विभाग की टीम ने लगभग 6 घनमीटर से अधिक कीमती सागौन की लकड़ी बरामद की है। यह लकड़ी पुलिस लाइन के नजदीक एक सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र से मिली है, जिससे विभागीय मिलीभगत की आशंका गहराती जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ी बिना वनकर्मियों की जानकारी के इकट्ठा किया जाना संभव नहीं है। इस कारण रेंजर, बीट गार्ड और अन्य अमले पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया गया कि विभाग को देर रात गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद सुबह टीम मौके पर पहुंची और छापेमारी की। बरामद लकड़ी की माप और कानूनी प्रक्रिया जारी है, जिससे यह साफ होगा कि इसका मालिक कौन है और यह लकड़ी कहां से आई है।
वन विभाग को लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध लकड़ी तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर विशेष कार्रवाई की गई। जांच में यह भी सामने आया कि तस्कर संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे हैं और लाइसेंस निरस्त होने से बचने के लिए लकड़ी की मात्रा को कम दिखाते हैं। इसके बाद जंगल से अवैध रूप से सागौन काटकर उसका व्यापार किया जाता है।
कार्रवाई के बाद जिला मुख्यालय के कई फर्नीचर मार्ट में भी वन विभाग की तलाशी जारी है। पुलिस लाइन से बरामद लकड़ी का मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि इसमें विभागीय लापरवाही और संभवतः मिलीभगत भी शामिल है। यह क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं।
फिलहाल वन विभाग ने बरामद लकड़ी को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की तस्करी को रोका जा सके और जंगलों की कीमती संपत्ति की सुरक्षा हो सके।
