मोहाली के जीरकपुर इलाके में एक बेहद अमानवीय घटना सामने आई है। 21 अक्टूबर 2025 को कुछ स्थानीय लोगों ने पांच किशोर लड़कों को बिस्किट का पैकेट चुराकर खाने के आरोप में नंगा कर पीटा। आरोप है कि बच्चों ने एक दुकान से बिस्किट का पैकेट उठाकर खा लिया था। इस पर गुस्साए दुकानदार और कुछ अन्य लोगों ने बच्चों को पकड़ लिया, उनके कपड़े उतरवाए, बेरहमी से पिटाई की और उन्हें सड़क पर मुर्गा भी बनाया।
इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिसमें बच्चे हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते नज़र आए। लेकिन भीड़ ने उन पर कोई दया नहीं दिखाई। बाद में परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की, हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी उस समय तक नहीं हुई थी।
घटना में शामिल बच्चे 15 से 17 वर्ष की उम्र के हैं और एक ही गांव के निवासी हैं। वे पास के वीआईपी रोड पहुंचे थे, जहां उनके परिजन काम करते हैं। वहीं पर यह घटना हुई।
इस पूरे मामले पर पंजाब बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि गलती करने पर भी किसी बच्चे को नंगा कर पीटना और अपमानित करना बिल्कुल गैरकानूनी है। आयोग ने पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और 27 अक्टूबर को जांच अधिकारी को रिपोर्ट समेत तलब किया है।
आयोग का कहना है कि किसी भी गलती की सज़ा देने के लिए थाना और कोर्ट बने हैं, किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। इस घटना ने समाज में कानून व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें इस मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
