छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के मामलों पर नकेल कसने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को दो जिलों — जांजगीर-चांपा और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर — में एक साथ बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में तीन सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया, जिनमें चांपा SDM कार्यालय के दो कर्मचारी और मनेन्द्रगढ़ के एक सब इंजीनियर शामिल हैं।
पहली कार्रवाई जांजगीर-चांपा जिले में हुई, जहां ACB की बिलासपुर टीम ने SDM कार्यालय के भू-अर्जन शाखा में पदस्थ अमीन पटवारी बिहारी सिंह और कंप्यूटर ऑपरेटर राजकुमार देवांगन को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोप है कि दोनों कर्मचारी एक व्यक्ति से मुआवजा राशि दिलाने में सहायता करने के नाम पर 1.80 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद ACB ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा और दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी जांच के दायरे में आ गए।
वहीं दूसरी कार्रवाई मनेन्द्रगढ़ जिले में हुई। यहां PWD विभाग के सब इंजीनियर सी.पी. बंजारे को 21 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए सरगुजा ACB टीम ने गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, ठेकेदार अंकित मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सब इंजीनियर बिल पास करने के लिए 30 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था, बाद में सौदा 21 हजार रुपये में तय हुआ। शिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने केमिकल लगे नोट देकर ठेकेदार को भेजा और जैसे ही पैसे सौंपे गए, टीम ने मौके पर बंजारे को पकड़ लिया।
इसके बाद ACB टीम ने इंजीनियर के सरकारी आवास पर छापा मारकर नकदी, बैंक डिटेल्स और दस्तावेज जब्त किए। दोनों जिलों में की गई इन कार्रवाइयों से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। एसीबी अब इन मामलों से जुड़े अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भी भूमिका की जांच कर रही है।
इन कार्रवाइयों ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि सरकार और एसीबी भ्रष्टाचार के मामलों में अब किसी भी तरह की लापरवाही या समझौता नहीं करने के मूड में है। आम नागरिकों में भी इन कदमों से विश्वास का माहौल बना है कि अब भ्रष्टाचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।
