रायपुर की पुरानी बस्ती स्थित ऐतिहासिक जैतू साव मठ में इस वर्ष भी अक्षय नवमी का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। परंपरागत रूप से मनाए जाने वाले इस पर्व पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ मठ परिसर में उमड़ने लगी। मठ परिसर में स्थित आंवला वृक्ष के नीचे श्रद्धालु महिलाओं ने विधिवत पूजन किया और मौली धागे से वृक्ष की परिक्रमा कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
दोपहर एक बजे मठ में विशेष आयोजन हुआ, जिसमें राजेश्री महंत रामसुंदर दास जी महाराज तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री सतनारायण शर्मा जी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने आंवला वृक्ष के नीचे भगवान लक्ष्मी-नारायण की पूजा-अर्चना कर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं को ऋतु फल, नैवेद्य और प्रसाद वितरण किया गया।
अपने संदेश में महंत रामसुंदर दास जी ने कहा कि जैतू साव मठ में हर वर्ष की भांति इस बार भी आंवला नवमी पारंपरिक रूप से मनाई गई। उन्होंने बताया कि इसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है और इस दिन सत्य निष्ठा से भगवान श्री हरि की आराधना करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
वहीं पूर्व मंत्री सतनारायण शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह पर्व पूरे छत्तीसगढ़ के सनातन धर्मावलंबियों द्वारा बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आंवला वृक्ष के नीचे भगवान श्री हरि की पूजा का विशेष महत्व शास्त्रों में वर्णित है, जो मानव जीवन में समृद्धि और शांति का प्रतीक है।
इस अवसर पर मठ ट्रस्ट कमेटी के सचिव महेंद्र अग्रवाल और सदस्य अजय तिवारी ने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता, आस्था और संस्कारों की परंपरा मजबूत होती है।
कार्यक्रम में सुरेश शुक्ला, चंद्रकांत यदु, देवाशीष मुखर्जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने सामूहिक रूप से भगवान श्री हरि की आरती कर उत्सव का समापन किया।
