चक्रवात ‘मोन्था’ का असर अब भी छत्तीसगढ़ में महसूस किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में भारी तबाही मचा दी है। सबसे ज्यादा नुकसान कोण्डागांव जिले में हुआ है, जहाँ ग्राम आदनार में बारिश के कारण ‘बड़को नाला पुलिया’ धंस गई। इस हादसे से गांवों के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया और लोगों का आवागमन बाधित हो गया।
यह पुलिया प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई थी और यह लिंगोपथ-मर्दपाल-भाटपाल-नारायणपुर मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लगातार होती बारिश के कारण पुलिया का एक हिस्सा पहले धंस गया और फिर पानी के दबाव से उसका बाकी हिस्सा भी टूटकर गिर गया। गनीमत यह रही कि उस समय कोई वाहन पुल पार नहीं कर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
‘मोन्था’ चक्रवात के कारण प्रदेश में मौसम बिगड़ा हुआ है। मौसम विभाग ने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में सरगुजा और बस्तर संभाग के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए आठ जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
तेज बारिश से धान की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बस्तर क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कहीं खड़ी फसल झुक गई है तो कहीं कटे हुए धान की बोरियां और ढेर खेतों में भीगकर सड़ने लगे हैं। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
बारिश के कारण बस्तर से चलने वाली दो यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। रेल विभाग ने यात्रियों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग तैयार करने और पुलिया की मरम्मत का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि 31 अक्टूबर के बाद मौसम सामान्य हो जाएगा। तब तक राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है।
