दुर्ग ज़िले के कुम्हारी में स्वर्गीय बिंदेश्वरी महाविद्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान शनिवार को माहौल अचानक गरम हो गया। मंच पर मौजूद सांसद विजय बघेल डिप्टी सीएम अरुण साव के सामने ही फट पड़े। कारण था—उद्घाटन समारोह में उनका नाम सूची से गायब होना। जैसे ही यह बात उन्हें पता चली, उन्होंने मंच से कांग्रेस नेताओं और आयोजकों को जमकर फटकार लगाई।
सांसद बघेल ने कहा, “हमें प्रोटोकॉल सिखाने की आवश्यकता नहीं है। चाहे इनके मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री हों या इनके चंगू-मंगू… अगर इतना ही सम्मान है तो आओ, मुँह फाड़कर मेरा नाम लिखो।” उनके इस बयान से पूरा पंडाल कुछ क्षणों के लिए स्तब्ध रह गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम अरुण साव मौजूद थे, जबकि मंच की अध्यक्षता सांसद बघेल कर रहे थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में नाम नहीं लिखे जाने पर नाराजगी जताई थी, जिससे यह विवाद शुरू हुआ। बघेल ने कहा कि जब राज्य के उपमुख्यमंत्री खुद कार्यक्रम में पहुंचे हैं, तब ये लोग कहीं दिखाई तक नहीं देते। उन्होंने मंच से ही तीखा तंज कसते हुए कहा कि “नाम न लिखने की राजनीति करने वाले लोगों को पहले प्रोटोकॉल समझना चाहिए।”
इतना ही नहीं, सांसद बघेल ने कॉलेज के छात्रों की अनुशासनहीनता पर भी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “महाविद्यालय जैसी जगह पर अनुशासन और मर्यादा सबसे पहले आनी चाहिए। अगर विद्यार्थी ही अनुशासन नहीं रखेंगे तो ऐसे आयोजन का उद्देश्य क्या रह जाएगा।”
इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी। सोशल मीडिया पर सांसद का यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोग इसे ‘राजनीतिक आत्मसम्मान की लड़ाई’ कहने लगे।
