July 21, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

“पाठ्य पुस्तक घोटाला: नियमों की अनदेखी कर ठेकेदारों को किया गया करोड़ों का भुगतान”

छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है, जिसमें पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा करोड़ों रुपये का फर्जी भुगतान किया गया। यह मामला वर्ष 2009-10 का है, जिसमें नियमों की अनदेखी कर ठेकेदारों को अनुचित तरीके से भुगतान किया गया।

मुख्य मामला:

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम घोटाले में चार आरोपियों के खिलाफ लगभग 2000 पन्नों की चार्जशीट रायपुर की विशेष अदालत में पेश की है। आरोप है कि नियमों को दरकिनार करते हुए ठेकेदारों को करीब 4.3 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

आरोपी व्यक्तियों के नाम:

इस घोटाले में जिन चार अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, वे हैं –

1. सुशांत मिश्रा

2. संजय पिल्ले

3. नरेन्द्र गुप्ता

4. दुग्गाल अग्रवाल

घोटाले की प्रकृति:

यह घोटाला वर्ष 2009-10 में हुआ जब कक्षा पुस्तकों की छपाई व वितरण का कार्य किया जा रहा था। उस समय निगम के अधिकारियों ने बिना उचित प्रक्रिया अपनाए ठेकेदारों को भुगतान कर दिया। इस प्रक्रिया में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ और करदाताओं की राशि का अनुचित तरीके से व्यय किया गया।

Related posts

शूटर बनने का शौक पड़ा महंगा: फिल्मी स्टाइल में फोटो खिंचवाकर बने माफिया, पुलिस ने बीच सड़क पर कराई उठक-बैठक

admin

छत्तीसगढ़ में 1 दिसंबर से बिजली बिल आधा: अब 200 यूनिट तक उपभोक्ताओं को हर महीने 400–500 रुपए की राहत

admin

दशहरा-दीवाली पर लंबी छुट्टियां: छत्तीसगढ़ के स्कूल रहेंगे 64 दिन बंद

admin

Leave a Comment