पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद लालू परिवार के भीतर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले रोहिणी आचार्य के भावुक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ मामला अब और बड़ा रूप ले चुका है। रोहिणी आचार्य द्वारा तेजस्वी यादव और संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाने के एक दिन बाद परिवार की तीन और बेटियों—रागिनी यादव, चंदा यादव और राजलक्ष्मी यादव—ने भी पटना छोड़ दिया है। ये सभी अपने बच्चों के साथ दिल्ली रवाना हुईं, जिसकी तस्वीरें पटना एयरपोर्ट से सामने आई हैं।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर अपने साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को विस्तार से बताते हुए लिखा कि उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई गई, उन्हें गालियां दी गईं और चप्पल उठाकर मारने तक की कोशिश हुई। रोहिणी ने कहा कि उन्होंने आत्मसम्मान और सत्य के साथ समझौता करना स्वीकार नहीं किया, इसी कारण घर छोड़ना पड़ा।
दूसरी ओर, विवाद बढ़ने पर तेज प्रताप यादव ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए एक भावनात्मक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि रोहिणी के अपमान को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तेज प्रताप ने अपने पिता और आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से अपील की कि परिवार के भीतर “जयचंदों” के खिलाफ सख्त संकेत दें, वरना बिहार की जनता खुद जवाब देगी।
इधर, तीनों बहनों के अचानक पटना छोड़कर दिल्ली जाने से राबड़ी आवास लगभग खाली हो गया है। परिवार के भीतर जारी उथल-पुथल ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है, क्योंकि मामला राजनीति से हटकर अब परिवार के सम्मान और निजी रिश्तों की जटिलताओं में बदल चुका है।
