अमेरिकी US-China Economic & Security Review Commission (USCC) की 800 पन्नों की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई 4 दिन की लड़ाई (ऑपरेशन सिंदूर) में पाकिस्तान को बड़ी सैन्य बढ़त मिली। रिपोर्ट में लिखा है कि पाकिस्तान ने इस संघर्ष में चीन से मिले हथियार—जैसे HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम, PL-15 मिसाइलें और J-10 फाइटर जेट—का इस्तेमाल किया।
भारत ने दावा किया है कि पाकिस्तान को इस जंग के दौरान चीन से खुफिया जानकारी (इंटेलिजेंस) भी मिली, हालांकि पाकिस्तान ने इसे सिरे से नकार दिया है। रिपोर्ट का दावा है कि चीन ने इस युद्ध को अपने आधुनिक हथियारों को लाइव-वार में टेस्ट करने और दुनिया को दिखाने का अवसर माना।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान ने कम से कम 6 भारतीय लड़ाकू विमान गिराने का दावा किया था, जिनमें राफेल भी शामिल बताया गया। हालांकि रिपोर्ट स्वयं स्वीकार करती है कि सिर्फ 3 भारतीय विमानों के गिरने की पुष्टि होती है। राफेल की इमेज को नुकसान पहुंचाने वाले दावे पर भारत ने आपत्ति जताई है।
चीन के 2019-2024 के हथियार, रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की सेना में 82% तक उपयोग किए गए। चीनी मीडिया ने USCC की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह राजनीतिक मकसद से लिखी गई है और चीन की प्रगति को खतरे की तरह पेश करती है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भारत सरकार से पूछा है कि क्या इस रिपोर्ट का विरोध दर्ज कराया जाएगा, क्योंकि इसमें भारत की सैन्य क्षमता पर सवाल उठाए गए हैं।
