रायपुर में NIT चौपाटी की शिफ्टिंग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। साइंस कॉलेज मैदान के पास 10 करोड़ की लागत से विकसित 60–70 दुकानों को नगर निगम ने JCB से तोड़ दिया, जिसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया।
इस कार्रवाई का कांग्रेस ने खुला विरोध किया। मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने घसीटते हुए उठाकर गाड़ी में बैठाया और थाने ले गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कांग्रेसियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झूमाझटकी भी हुई।
विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना के दुकानों को तोड़ा गया और छात्रों की जरूरतों को समझे बिना निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा, “यहां का MLA अनपढ़ है… उसे यह भी नहीं पता कि स्टूडेंट्स को क्या चाहिए।”वहीं नगर निगम का कहना है कि चौपाटी को आमानाका शिफ्ट करने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका था और कार्रवाई नियमानुसार की गई है।
दूसरी ओर व्यापारी दावा कर रहे हैं कि उन्हें शिफ्टिंग का कोई नोटिस नहीं मिला। उनके मुताबिक, बिना विकल्प और बिना तैयारी के चौपाटी हटाने से उनका कारोबार बंद हो गया है।घटनास्थल पर मौजूद डिप्टी CM अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध स्वाभाविक है, लेकिन कांग्रेस “कन्फ्यूज्ड राजनीति” कर रही है और हर मौके पर दोहरा चरित्र दिखा रही है।
यह विवाद तब और गहरा गया जब कांग्रेस नेता JCB के सामने लेट गए और मशीन के आगे चढ़कर विरोध जताया। बाद में पुलिस ने सभी नेताओं और व्यापारियों को सेंट्रल जेल भेज दिया।चौपाटी हटाने के बाद नगर निगम ने स्पष्ट किया कि इस जगह पर नालंदा–2 प्रोजेक्ट विकसित किया जाएगा, जिसके टेंडर पूरे हो चुके हैं।इसी बीच रेलवे भी जमीन पर अपना दावा ठोक चुका है, जिस पर निगम और रेलवे के बीच बातचीत जारी है।
