प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार यानि आज को दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग पहुंचे, जहां उन्होंने जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। एयरपोर्ट पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी सीधे जोहानसबर्ग एक्सपो सेंटर पहुंचे, जहाँ जी20 नेताओं का पहला सत्र आयोजित किया गया।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी पोस्ट के अनुसार, भारत ने एक समावेशी, न्यायपूर्ण और सतत विश्व के निर्माण के लिए एकजुट प्रयासों पर जोर दिया है। प्रारंभिक सत्र में ‘सबको साथ लेकर चलने’ और ‘सस्टेनेबल ग्रोथ’ जैसे विषयों पर फोकस किया गया।
सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी की मुलाकात कई वैश्विक नेताओं से हुई। उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से भी मुलाकात की। पीएम मोदी ने लिखा कि इस वर्ष भारत-ब्रिटेन साझेदारी में नई ऊर्जा आई है और दोनों देश कई क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भी हुई। उन्होंने हेल्थ इमरजेंसी और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में सामूहिक वैश्विक प्रतिक्रिया को अनिवार्य बताया। भारत ने जी20 ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम बनाने का प्रस्ताव रखा है, जो किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत तैनात होने के लिए तैयार रहेगी।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने मादक पदार्थ–आतंकवाद गठजोड़ (Narco-Terror Network) से लड़ने के लिए जी20 में पहली बार एक संयुक्त प्रस्ताव प्रस्तुत करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सभी देशों का साझा प्रयास आवश्यक है।
अफ्रीका पहली बार जी20 समिट की मेजबानी कर रहा है, ऐसे में पीएम मोदी ने विकास के नए पैमानों पर पुनर्विचार और समावेशी विकास मॉडल को आगे बढ़ाने पर बल दिया।
