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October 22, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

नवोदय स्कूल में छात्र की मौत पर उबाल: हज़ारों छात्रों का धरना, अव्यवस्थाओं पर फूटा गुस्सा; SDM जांच के आदेश

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 10 के छात्र हर्षित यादव की मौत के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया। छात्र-छात्राओं ने बुधवार सुबह स्कूल गेट के बाहर बैठकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही, इलाज में देरी और हॉस्टल की बदतर व्यवस्था का आरोप लगाया है।

प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जिलाधीश संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए तत्काल SDM जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी सख़्ती से मामले को देख रहा है और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इलाज में देरी का आरोप

छात्रों का आरोप है कि हर्षित की तबीयत बिगड़ने पर न तो समय पर इलाज दिया गया और न ही एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। छात्रों के अनुसार, यदि समय रहते उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। हर्षित के पिता जयप्रकाश यादव ने भी यही आरोप दोहराते हुए कहा कि स्कूल ने गंभीर स्थिति के बावजूद समय पर परिवार को जानकारी नहीं दी।

परिजनों के मुताबिक, स्कूल वाहन उपलब्ध न कराए जाने के कारण पिता को बेटे को कपड़ों से बांधकर बाइक पर बिठाकर निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। वहां डॉक्टरों ने उसे न्यूमोनिया बताया और तत्काल इलाज की आवश्यकता जताई। रविवार को हालत फिर बिगड़ी और सोमवार सुबह ICU में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

हॉस्टल की बदहाली पर भी फूटा गुस्सा

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि हॉस्टल की स्थिति बेहद खराब है—

  • टॉयलेट टूटे हुए
  • दीवारों में सीपेज
  • पंखे बंद
  • सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप

500 छात्रों पर मात्र तीन सफाई कर्मचारी होने का भी आरोप लगाया गया। छात्रों ने बताया कि शिकायत करने पर प्रबंधन उल्टा डांटता था और मुद्दे दबा दिए जाते थे।

खराब भोजन का आरोप—‘दाल की जगह पीला पानी’

छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मेस में परोसा जाने वाला खाना बेहद निम्न स्तर का है।

  • दाल की जगह पीला पानी
  • सब्जी में सिर्फ उबला आलू
  • गुणवत्ताविहीन भोजन खाने को मजबूरी

छात्रों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।

कलेक्टर से मिलने पर अड़े छात्र

प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग थी कि कलेक्टर मौके पर आकर स्थिति का जायज़ा लें। उनका कहना है कि प्री-बोर्ड परीक्षा चलने के बावजूद उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा, जिससे प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट होती है।

परिजनों ने की कार्रवाई की मांग

हर्षित के पिता ने कहा कि उनका बेटा मेधावी था और प्रतिस्पर्धी परीक्षा के ज़रिए नवोदय में चयनित हुआ था। परिवार ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही किसी और अभिभावक को अपने बच्चे के लिए न झेलनी पड़े।

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