भारत में पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन के इंटरव्यू ने पाकिस्तान की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने भारतीय चैनलों को दिए गए नोरीन खान के इंटरव्यू पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय मीडिया पर जाकर पाकिस्तान को बदनाम करना शर्मनाक है। जो लोग ऐसा करते हैं, उन्हें शर्म से मर जाना चाहिए।
तरार ने आरोप लगाया कि भारतीय मीडिया जानबूझकर इमरान खान के परिवार को मंच दे रहा है ताकि पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि खराब हो। उन्होंने कहा कि नोरीन ने इंटरव्यू में न तो भारतीय प्रधानमंत्री की आलोचना की और न ही कश्मीर या भारत में मुसलमानों पर अत्याचार का जिक्र किया, जिससे साफ होता है कि बातचीत का उद्देश्य केवल सरकार पर हमला करना था।
इमरान की बहनें हिंसा के मामले में शामिल होने का आरोप
तरार ने यह भी दावा किया कि 9 मई 2023 को इमरान खान की पहली गिरफ्तारी के बाद हुई हिंसा में इमरान की तीनों बहनें शामिल थीं। उनका कहना है कि वे कोर कमांडर हाउस तक गई थीं और कैमरों में भी दिखाई देती हैं, जो उनके खिलाफ सबूत हैं।
जेल में इमरान की हालत पर अफवाहें
इमरान खान की सेहत को लेकर हाल ही में सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें चलीं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि उनकी तबीयत बिगड़ गई है। इमरान की बहनें पिछले तीन हफ्तों से उनसे मिलने की कोशिश कर रही हैं पर जेल प्रशासन अनुमति नहीं दे रहा, जिससे अटकलें और तेज हुईं।
हालांकि जेल प्रशासन ने आधिकारिक बयान में कहा कि “इमरान खान की तबीयत बिल्कुल ठीक है और वे जेल में VIP सुविधाओं के साथ स्वस्थ हैं।”
भारतीय मीडिया में इंटरव्यू देने पर सवाल
तरार ने पूछा कि नोरीन को भारतीय मीडिया पर जाकर शिकायत करने की क्या जरूरत थी। उनका कहना है कि सरकार की उपलब्धियों से लोगों का ध्यान हटाने और पाकिस्तानी राजनीति को अस्थिर दिखाने का यह प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब इमरान खान के परिवार और PTI नेताओं का आरोप है कि उन्हें जेल में बंद इमरान से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
बीते दिनों इमरान खान की बहनें—अलीमा खान, डॉ. उज्मा और नोरीन—जेल के बाहर शांतिपूर्ण धरने पर बैठी थीं, लेकिन PTI का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन हटाया।
आसिम मुनीर को तानाशाह बताया
नोरीन खान ने हाल ही में एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को ‘तानाशाह’ कहा था। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी उन्हें पाकिस्तान का तानाशाह बताया और अच्छा दोस्त कहा था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में पहले भी तानाशाह आए हैं और उनका अंजाम कभी अच्छा नहीं हुआ।
