दुर्ग जिले में चर्चित गोलीकांड मामले के मुख्य आरोपी करण साव के अवैध निर्माण पर बुधवार सुबह नगर निगम ने बुलडोज़र चलाकर बड़ी कार्रवाई की। कैम्प–2 में आरोपी ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर वर्षों से मकान बना रखा था। कार्रवाई के दौरान तीन थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही और सुबह करीब 8 बजे से तोड़फोड़ शुरू की गई।
फायरिंग केस के बाद एक्शन तेज हुआ
14 नवंबर की शाम आरोपी करण साव ने झारखंड से शूटर बुलवाकर विकास प्रजापति पर फायरिंग करवाई थी। घटना में विकास बाल-बाल बच गए थे। पुलिस ने जांच तेज करते हुए करण साव, शूटर और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने आरोपी पर सख्ती शुरू की। इसी क्रम में 21 नवंबर को नगर निगम ने करण साव के घर के बाहर नोटिस चस्पा किया, जिसमें अवैध कब्जा हटाने के लिए कहा गया था। निर्धारित समय में अतिक्रमण न हटाने पर बुधवार सुबह बुलडोज़र चलाया गया।
निगम ने साफ किया—यह जमीन पीएम आवास प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित
नगर निगम भिलाई के आयुक्त राजीव पांडेय ने बताया कि जिस जमीन पर करण साव ने कब्जा किया था, वह क्षेत्र लंबे समय से खाली पड़ी सरकारी भूमि है। यहाँ पीएम आवास योजना के तहत मकान निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। इसका DPR तैयार कर भेज दिया गया है और जल्द स्वीकृति मिल सकती है।
आयुक्त ने कहा कि जो लोग अवैध अतिक्रमण हटाने के बाद विस्थापित होंगे, उन्हें नियमों के अनुसार पीएम आवास आवंटित किया जाएगा।
परिजनों का आरोप — सबको नोटिस मिला, पर सिर्फ हमारा घर तोड़ा
करण साव के परिजन सूरज कुमार का आरोप है कि इलाके के कई लोगों को नोटिस मिला था, पर कार्रवाई सिर्फ उन पर की गई। उनका कहना है कि वे 15 साल से टैक्स जमा कर रहे हैं, फिर भी पहले उन्हीं के घर पर बुलडोज़र चला दिया गया।
निगम अधिकारियों ने जवाब में कहा कि शिकायत मिलने पर किसी के भी खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल फायरिंग केस से जुड़े आरोपी का अवैध निर्माण नियमों के तहत हटाया गया है।
