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October 21, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

दुर्ग में 14.60 लाख की लूट कहानी फर्जी—कैशियर की चालबाज़ी का खुलासा

दुर्ग जिले में शनिवार देर शाम सामने आया 14.60 लाख रुपये की कथित लूट का मामला आखिरकार एक बड़ी छलावा कहानी साबित हुआ। पुलिस की लगातार पूछताछ और घटनास्थल की जांच में ऐसे कई तथ्य सामने आए, जिन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने वाले कैशियर की कहानी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया। गहन जांच के बाद सामने आया कि जिस कैशियर ने खुद को लूट का शिकार बताया था, वही इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता निकला।

संदेह की शुरुआत

पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर के अनुसार, FIR दर्ज होते ही यह मामला संदिग्ध लगने लगा। पूछताछ के दौरान कैशियर आशिष राठौर हर बार कुछ न कुछ छुपाने की कोशिश करता दिखा। जब पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया, तो न तो किसी संघर्ष के निशान मिले और न ही स्थानीय लोगों ने किसी संदिग्ध हरकत की पुष्टि की। इससे पुलिस को लूट की कहानी पर गहरा शक हुआ।

कड़ाई की पूछताछ में टूटा आरोपी

लंबी पूछताछ के बाद आशिष राठौर सच छुपा न सका और उसने अपना पूरा अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि ATM में कैश जमा करने के बजाय उसने पहले ही पैसे एक अन्य ATM बूथ में छिपा दिए और बाद में अपने ही साथ लूट होने का झूठा नाटक रच दिया। उसकी योजना थी कि जब बैंक की बीमा कंपनी से क्लेम का पैसा वापस मिल जाएगा, तब वह छुपाए गए रुपये आराम से हड़प लेगा।

लंबे समय से बना रहा था योजना

जांच में सामने आया कि आरोपी काफी समय से इस साजिश को अंजाम देने की फिराक में था। वह लगातार इस अवसर की तलाश कर रहा था कि कंपनी उसे कैश लोडिंग के लिए भेजे ताकि वह रकम गायब कर सके। 6 दिसंबर की रात उसने अपनी सोची-समझी योजना के तहत लूट की झूठी कहानी तैयार कर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

दावा और घटनास्थल में असंगत‍ि

आशिष राठौर ने बताया था कि हिटाची कंपनी के ATM में कैश डालने जाते समय ग्राम कपसदा में गोयल स्कूल के पास तीन युवकों ने चाकू दिखाकर उसका बैग छीन लिया। लेकिन घटनास्थल से किसी भी तरह की ऐसी घटना के प्रमाण नहीं मिले। न ही CCTV फुटेज में कोई संदिग्ध दिखाई दिया।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने छुपाए गए 14.60 लाख रुपये बरामद कर लिए। पुलिस ने आरोपी पर अमानत में खयानत और अन्य गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। जांच टीम यह भी पता कर रही है कि क्या योजना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या आरोपी ने अकेले ही इस अपराध को अंजाम दिया।

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