अमेरिका ने इमिग्रेशन और वीज़ा नियमों को लेकर एक बार फिर सख़्त रुख अपनाया है। जनवरी से अब तक अमेरिकी प्रशासन 85 हजार से अधिक वीज़ा कैंसिल कर चुका है। इन कैंसिल किए गए वीज़ा में सबसे बड़ी संख्या उन विदेशियों की है जिन्हें शराब के नशे में वाहन चलाते या आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया गया। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने बताया कि यह कार्रवाई इमिग्रेशन और बॉर्डर सिक्योरिटी पर ट्रंप प्रशासन के बढ़ते फ़ोकस का हिस्सा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार कैंसिल हुए वीज़ा में से 8 हजार से अधिक छात्र वर्ग से जुड़े थे। नशे में ड्राइविंग, चोरी, हमला जैसी गतिविधियाँ इन कैंसिलेशन का मुख्य कारण रहीं। पिछले वर्ष भी लगभग आधे वीज़ा इसी तरह के अपराधों के चलते निरस्त किए गए थे। इसके अलावा वीज़ा-एक्सपायरी, आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों की जांच और अन्य गंभीर मामलों में भी सैकड़ों वीज़ा रद्द किए गए।
गाज़ा संघर्ष को लेकर अमेरिकी कैंपसों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल अंतरराष्ट्रीय छात्रों की भी कड़ी स्क्रीनिंग की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हो गया है।
इसके साथ ही अमेरिका में रहने वाले 5.5 करोड़ से अधिक विदेशी नागरिकों पर भी लगातार जांच-प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे उनके प्रवास के दौरान निगरानी और मजबूत हो सके। इसी क्रम में H-1B वीज़ा एप्लिकेंट्स की स्क्रीनिंग को भी और कठोर कर दिया गया है।
5 दिसंबर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीज़ा नियमों में सख्ती के आदेश जारी किए। नए नियमों के तहत अब H-1B आवेदनकर्ताओं को अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट पब्लिक करने होंगे। अमेरिकी अधिकारी आवेदकों की प्रोफ़ाइल, पोस्ट और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच करेंगे। यदि किसी भी प्रकार की पोस्ट अमेरिकी हितों के खिलाफ पाई जाती है, तो वीज़ा जारी नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही H-1B धारकों के आश्रितों—पत्नी, बच्चों और पैरेंट्स—द्वारा आवेदन किए जाने वाले H-4 वीज़ा के लिए भी सोशल मीडिया अकाउंट पब्लिक करना अनिवार्य होगा।
यह पहला मौका है जब H-1B वीज़ा स्क्रीनिंग में सोशल मीडिया की जांच को आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। नया नियम 15 दिसंबर से लागू होगा और ट्रंप प्रशासन ने इसे सभी दूतावासों में सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
अगस्त से ही स्टूडेंट वीज़ा (F-1, M-1, J-1) और विज़िटर वीज़ा (B-1, B-2) के लिए भी सोशल मीडिया अकाउंट पब्लिक करने की अनिवार्यता लागू हो चुकी है। कुल मिलाकर ये सभी कदम वीज़ा उल्लंघनों पर कठोर कार्रवाई और अमेरिका में इमिग्रेशन कंट्रोल को मजबूत करने की प्रशासनिक नीति को प्रदर्शित करते हैं।
