रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के एक बयान से जुड़े कथित एडिटेड वीडियो को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मुख्यमंत्री द्वारा “एक रुपये किलो जमीन देने” जैसे शब्द कहने का दावा किया गया, जिस पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताया है। भाजपा का आरोप है कि वीडियो को जानबूझकर एडिट कर गलत संदर्भ में प्रसारित किया गया, जिससे मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने के साथ-साथ जनता में भ्रम फैलाया गया।
भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री साय के बयान को तोड़-मरोड़कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल किया गया। उनके मुताबिक, यह वीडियो ‘भूपेश है तो भरोसा है’ नामक फेसबुक पेज और मनीषा गोंड नामक अकाउंट से शेयर किया गया, जिसमें बयान का आशय बदल दिया गया। पार्टी का कहना है कि मूल वीडियो में मुख्यमंत्री ने रायगढ़ में आयोजित एक सामाजिक सम्मेलन के दौरान उद्योग स्थापना के लिए आदिवासी युवाओं को एक रुपये प्रति एकड़ की दर से भूमि उपलब्ध कराने की बात कही थी, जबकि वायरल क्लिप में इसे “एक रुपये किलो जमीन” के रूप में दिखाया गया।
भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि एडिटिंग के जरिए मुख्यमंत्री की छवि खराब करने और आम जनता, किसानों तथा आदिवासी समाज की भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया गया। पार्टी का दावा है कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति और मुख्यमंत्री की बढ़ती लोकप्रियता से विपक्ष असहज है, इसलिए भ्रामक प्रचार का सहारा लिया जा रहा है।
मामले को गंभीर मानते हुए भाजपा प्रतिनिधिमंडल रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सिविल लाइन थाना पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की एडिटिंग, स्रोत और प्रसार की भूमिका की जांच की जा रही है, साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किन अकाउंट्स के माध्यम से सामग्री वायरल की गई।
भाजपा की ओर से आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक और गलत सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। वहीं, पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
