36.2 C
Raipur
June 5, 2026
The Defence
बड़ी खबर

दिल्ली गैस चैंबर में तब्दील, AQI 500 पार: ग्रैप-4 के बावजूद हालात बेकाबू

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। कड़े प्रतिबंधों के बावजूद हालात में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा। रविवार को दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के खतरनाक स्तर तक दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी में आता है। वजीरपुर, रोहिणी और आसपास के क्षेत्रों में हवा इतनी जहरीली हो गई कि राजधानी पूरी तरह गैस चैंबर जैसी स्थिति में नजर आई।

घने धुंध और स्मॉग के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई। कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर 50 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़क यातायात के साथ-साथ हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुईं। खराब मौसम और प्रदूषण के कारण करीब 60 उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जबकि लगभग 250 फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं। इंडिया गेट, अक्षरधाम और प्रमुख सड़कों पर धुंध की मोटी चादर छाई रही।

हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक ही दिन में पहले ग्रैप-3 और फिर ग्रैप-4 लागू किया। ग्रैप-4 के तहत 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम, बीएस-4 श्रेणी के बड़े व्यावसायिक वाहनों की एंट्री पर रोक, सभी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध, कचरा और ईंधन जलाने पर सख्ती, डीजल जनरेटर, आरएमसी प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठों और खनन कार्यों को बंद करने जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री के परिवहन पर भी रोक लगाई गई है। इसके बावजूद प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो सका।

डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से सुबह-शाम टहलने, दौड़ या किसी भी तरह की फिजिकल एक्सरसाइज से बचने को कहा गया है। आंखों में जलन, सांस फूलना, खांसी या सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज कराने की अपील की गई है।

एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले छह दिनों तक हवा की स्थिति गंभीर बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि औसत हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम होने के कारण प्रदूषक तत्वों का फैलाव नहीं हो पा रहा है। हालांकि सोमवार से हवा की गति बढ़ने पर मामूली राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से जुड़ी याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई तय की है। मुख्य न्यायाधीश ने वकीलों और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हाइब्रिड मोड में पेश होने की सलाह दी है। राजधानी में लगातार बिगड़ती हवा ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मौजूदा उपाय दिल्ली को स्वच्छ हवा दिलाने के लिए पर्याप्त हैं।

Related posts

कुवैत–हैदराबाद इंडिगो फ्लाइट में बम धमकी से हड़कंप: मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित; जांच जारी

admin

पटना में बिजली व्यवस्था को मिलेगा नया रूप: 328 करोड़ की परियोजनाओं से चार फीडर व अंडरग्राउंड तारों का होगा निर्माण

admin

चलती ट्रेन में पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की आधी रात में गिरफ्तारी, देवरिया और लखनऊ के धोखाधड़ी मामलों में एक्शन

admin

Leave a Comment