छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध धान परिवहन के खिलाफ प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा से लाया जा रहा 120 बोरी धान जब्त किया है। यह धान बिना किसी वैध अनुमति और दस्तावेज के जिले में खपाने की कोशिश की जा रही थी। मामले में लैलूंगा थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात पाकरगांव से लैलूंगा मार्ग पर संयुक्त जांच दल द्वारा औचक निरीक्षण किया जा रहा था। इसी दौरान दो पिकअप वाहनों को रोककर जांच की गई। जांच में पाया गया कि दोनों वाहनों में 60-60 बोरी धान लोड था। वाहन चालकों से जब धान परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पिकअप वाहन चालक ग्राम जमुना निवासी सुनील कुमार यादव और ग्राम डोंगादरहा निवासी निरंजन यादव बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चला रहे थे। मौके पर ग्राम स्टूडकेला निवासी शेखर जायसवाल और कृष्ण जायसवाल भी मौजूद मिले। पूछताछ में खुलासा हुआ कि अवैध धान परिवहन की पूरी योजना इन्हीं लोगों द्वारा संचालित की जा रही थी।
संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट में बताया गया कि जब्त किए गए धान की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 86 हजार रुपये है, जिसे अवैध रूप से खपाने की तैयारी थी। जांच में यह भी जानकारी मिली कि इससे पहले भी इन्हीं पिकअप वाहनों को अवैध धान परिवहन करते हुए पकड़ा जा चुका है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सुनील कुमार यादव, निरंजन यादव, शेखर जायसवाल और कृष्ण जायसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5), 318(4) और 62 के तहत अपराध दर्ज किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान खरीदी और परिवहन के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
