April 17, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में एलाइड व हेल्थकेयर प्रोफेशन काउंसिल का गठन, 10 पैरा-मेडिकल क्षेत्रों को मिलेगी वैधानिक मान्यता

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े हजारों पैरा-मेडिकल और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन एक्ट-2021 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य एलाइड एवं हेल्थकेयर प्रोफेशन परिषद के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही लंबे समय से अस्पष्ट नियमों और अलग-अलग मानकों के तहत कार्य कर रहे कई स्वास्थ्य पेशों को एक स्पष्ट और संगठित नियामक ढांचा मिलने जा रहा है।

अब तक फिजियोथेरेपी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, डाइटेटिक्स, रेडियोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी जैसे अनेक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्रों के लिए राज्य या केंद्र स्तर पर कोई समर्पित और एकीकृत नियामक व्यवस्था नहीं थी। परिषद के गठन से इन सभी पेशों को मान्यता, पंजीयन और निगरानी की व्यवस्था के तहत लाया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और सेवाओं के मानक सुनिश्चित किए जा सकेंगे।

अधिसूचना के अनुसार परिषद के गठन की प्रक्रिया की शुरुआत एक 9-सदस्यीय खोज-सह-चयन समिति से होगी। इस समिति के अध्यक्ष स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव होंगे, जबकि चिकित्सा शिक्षा आयुक्त आयोजन सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। यह समिति राज्य परिषद के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित करेगी। चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद परिषद का औपचारिक गठन किया जाएगा।

राज्य सरकार के इस निर्णय से वर्तमान में संचालित कई पैरा-मेडिकल और एलाइड हेल्थ कोर्सेस को मान्यता मिलेगी। प्रमुख रूप से 10 क्षेत्रों को परिषद के अंतर्गत लाया गया है। इनमें फिजियोथेरेपी, ऑक्युपेशनल थेरेपी, मेडिकल लेबोरेटरी एवं लाइफ साइंस (बायोटेक्नोलॉजिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, बायोकेमिस्ट), ट्रॉमा-बर्न एवं सर्जिकल एनेस्थीसिया (ऑपरेशन थिएटर व एनेस्थीसिया टेक्निशियन), न्यूट्रिशनल साइंस (डायटीशियन एवं स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट), ऑप्थैल्मिक साइंस (ऑटोमेट्रिस्ट एवं नेत्र सहायक), कम्युनिटी केयर एवं बिहेवियरल हेल्थ (साइकोलॉजिस्ट, सोशल वर्कर, एचआईवी काउंसलर), रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग (एक्स-रे, एमआरआई और सीटी स्कैन टेक्निशियन), मेडिकल टेक्नोलॉजी (डायलिसिस और कार्डियोवैस्कुलर टेक्निशियन) तथा हेल्थ इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट (मेडिकल रिकॉर्ड एनालिस्ट) शामिल हैं।

परिषद के गठन से इन सभी पेशों को कानूनी पहचान मिलेगी। इसके तहत पंजीयन अनिवार्य होगा, प्रशिक्षण संस्थानों के लिए न्यूनतम मानक तय किए जाएंगे और सेवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जाएगी। इससे न केवल मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार और करियर के नए अवसर भी खुलेंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ में हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। एक समान नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के लागू होने से पैरा-मेडिकल और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स की भूमिका और जिम्मेदारियां स्पष्ट होंगी, जिससे पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।

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