रायपुर। ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा में कथित कटौती और बदलावों के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। पार्टी के अनुसार 5 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ की शुरुआत होगी, जिसके तहत छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में जाकर केंद्र सरकार के फैसलों के खिलाफ जनजागरण और विरोध दर्ज कराया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा गरीबों और ग्रामीण मजदूरों की जीवनरेखा है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार के फैसलों से रोजगार के दिन घटे हैं, भुगतान में देरी बढ़ी है और योजना का मूल उद्देश्य कमजोर हो रहा है। इसी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को मनरेगा के अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे।
आंदोलन के दौरान पंचायत स्तर पर सभाएं, जनसंवाद और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस का दावा है कि इस अभियान में जनप्रतिनिधि, संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूर शामिल होंगे। पार्टी नेतृत्व ने साफ किया है कि जब तक केंद्र सरकार मनरेगा से जुड़े फैसलों पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस ने इसे राजनीति से ऊपर बताते हुए कहा कि यह लड़ाई ग्रामीण रोजगार, मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा को बचाने की है। वहीं, राज्य में इस ऐलान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
