नई दिल्ली। हिमालयी सीमा पर सामरिक मजबूती बढ़ाने के लिए भारत व्यापक स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार में जुटा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, सुरंग और एयरस्ट्रिप निर्माण को प्राथमिकता दी है, ताकि सेना और हथियारों की त्वरित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट के अनुसार, दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बनाई जा रही नई ऑल-वेदर सड़कें और सुरंगें सालभर संपर्क बनाए रखने में मदद करेंगी। इसके साथ ही एयरस्ट्रिप्स के जरिए सेना और वायुसेना की आपात तैनाती आसान होगी। यह परियोजनाएं खास तौर पर हिमालय क्षेत्र के उन हिस्सों में विकसित की जा रही हैं, जहां पहले पहुंच सीमित और समय-साध्य थी।
The Wall Street Journal सहित विदेशी मीडिया का मानना है कि इस इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट से भारत की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी और सीमा पर किसी भी स्थिति में रणनीतिक बढ़त मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सीधा असर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत की स्थिति को मजबूत करने में दिखेगा, खासकर चीन के साथ जारी तनाव के संदर्भ में।
जानकार यह भी मानते हैं कि इन परियोजनाओं से सैन्य लाभ के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास, रोजगार और कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय आबादी को दीर्घकालिक फायदा होगा।
